क्या आपके चालबाज चेले की भ्रष्ट नीतियों के विरुद्ध रामलीला मैदान में फिर जन आंदोलन प्रारम्भ करेंगे, अन्ना ?

अन्ना आपके इस भ्रष्ट चेले की भ्रष्ट नीतियों पर अंकुश लगाने के लिए फिर आंदोलन आरम्भ करना होगा, क्योंकि दिल्ली की जनता को [...]

मोदी सरकार को कांग्रेसी नेताओं और ट्रेड़ मीडिया से जुड़े पत्रकारों की जन्म कुण्डली बनानी चाहिये

सरकारे जनता बनाती है और जनता ही गिराती है। जब सरकारे जन विश्वास खो देती है, तब जनता उनके संवैधानिक अधिकार छीन लेती [...]

कांग्रेसी नेता देशी शासक से सत्ता छीन, फिर विदेशी को सौंपने के लिए मचल रहे हैं

सता खोने की छटपटाहट और पुन: पाने की कुलबुलाहट से सोनिया के वफादार सिपाही भारत को फिर उसी अंधेरे युग में ले जाना [...]

भारतीय राजनीति का नया मजाक – अंधे केजरीवाल को तोमर ने अंधेरे में रखा

बेशर्म, बेबाक और बेहिचक निर्बाध झूठ ने केजरीवाल की आंखों से सच की रोशनी छीन ली हैं। उन्हें सच कहीं दिखार्इ ही नहीं [...]

कहीं राहुल-केजरीवाल मिल कर किसी राजनीतिक षड़यंत्र को तो अंजाम नहीं दे रहे हैं

राहुल भारत की सत्ता को अपने खान-दान की विरासत मानते हैं, जिसे पुन: पाने के लिए उनका परिवार तड़फ रहा है। राहुल इन [...]

साम्प्रदायिकता और साम्प्रदायिक शक्तियां- देश के बहुसंख्यक समाज को दी जाने वाली गालियां है

भारतीय राजनेताओं के लिए इस देश में रहने वाला बहुसंख्यक समाज दोयम दर्जें का नागरिक हैं, अत: जब तब उसकी धार्मिक आस्था और [...]

भाजपा को रोकने के नाम पर दिल्ली बर्बाद हुर्इ, अब बिहार की बारी हैं

भाजपा को रोकना भारतीय राजनीति का एक महापुण्य काम हो गया है। कांग्रेस ने दिल्ली में भाजपा का रोकने का पुण्य कमाने के [...]

क्या राहुल-केजरीवाल का कपटपूर्ण झूठ जीतता रहेगा और मोदी सरकार का सच हारता रहेगा ?

राहुल-केजरीवाल का बेलगाम, बेबाक व बेशर्म झूठ आक्रामक हो कर मोदी सरकार के सच पर प्रहार कर रहा है। सरकार के जवाब में [...]

क्या मोदी सरकार ऐसे कोर्इ उपाय करेंगी, जिससे भारत में फल-फूल रहा लाखों करोड़ का राजनीतिक व्यवसाय बंद हो जाय ?

भारतीय राजनीति सेवाकार्य नहीं, सार्वजनिक धन की हेराफेरी और प्राकृतिक संसाधनों की लूट का व्यापार बन गया है, जो अब प्रतिवर्ष कर्इ लाख [...]

दस सालों के कुशासन पर कोर्इ रंज नहीं, एक साल के सुशासन पर सवालों की बौछार क्यों ?

यूपीए एक का पूरा कार्यकाल सत्ता पाने की खुमारी में ही निकल गया। मनरेगा ने 2009 में फिर सत्ता दिला दीं। उपलब्धियों के [...]

सत्ता खोने से पाप नहीं धुल जाते, पापी कभी पुण्यात्मा नहीं बन जाते

मोदी सरकार बनने के बाद दिल में ढ़ेरों उम्मीदें थी, सभी पूरी नहीं हुर्इ, पर विश्वास जगा हैं, क्योंकि जिनके इरादे नेक हों, [...]

काले धन का सांप विदेश भाग गया, फिर उस पर कानूनी लठ बरसाने का औचित्य ?

काला धन यदि देश में हैं तो उसे ढूंढने के प्रभावी कानून नहीं। अपराधियों को पकड़ने का नैतिक बल नहीं। किन्तु जब वह [...]